वन विभाग ने अपनी दबंगई के चलते जलाई गौढ़ी’ मवैशी जलकर हुए राख

वन विभाग ने अपनी दबंगई के चलते जलाई गौढ़ी' मवैशी जलकर हुए राख

भारत नेपाल सीमा से सटे जंगलों में बीते कई वर्षों से कुछ ग्रामीण गौड़ियो की झोपडियां बनाकर रह रहे थे। ग्रामीणों से कब्जा खाली करवाने गये दंबग किस्म के रेंजर ने बिना ग्रामीणों को सूचना दिये ही गौड़ियों की झोपडियों में आग लगवा दी ।जब इस बात की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो वहां  हड़कम्प मच गया जब तक ग्रामीण कुछ समझते तब तक सारी झोपडियां जलकर राख हो गयी और यहीं नहीं उनमें ब॔धे कुछ मवेशियों की जलकर मौत हो गयी ।और दर्जनों के हिसाब से मवेशी गंभीर रूप से झुलस गये।

लखीमपुर खीरी जिले के भारत नेपाल सीमा से सटे थाना संपूर्णानगर वन रेंज क्षेत्र का है ।जहां के थाना हजारा के मोरनिया गांधीनगर ,हजारा एवं टाटरगंज के ग्रामीणों ने वन विभाग के रेंजर पर गंभीर आरोप लगाये हैं। कि उनको बिना किसी सूचना के ही उनके द्वारा बीते कई वर्षो से उनके द्वारा जंगल में बनी गौड़ियों की झोपड़ियो को वन विभाग के रेंजर शुभाष वर्मा ने अपनी दंबगयी दिखाते हुए आग लगवा दी । वही एसडीओ ने सारे आरोप गलत बताया बोला सभी जानवर हटा कर झाले में आग लगाई गई।

आपको बता दे कि उत्तर खीरी वन प्रभाग सम्पूर्णनगर क्षेत्र के अंतर्गत थाना हजारा के मोरनिया गांधीनगर में स्थित 2 गोड़ी,हजारा में 8 गोढ़ी टाटर गंज में दो गोढ़ी जला दी गई इसकी जानकारी जब गौड़ी संचालकों को हुई तो अफरा-तफरी का माहौल हो गया आनन-फानन में गौरी संचालक अपने-अपने गौड़ी पर पहुंचे जहां पर जलते गौढ़ी को देख उनके होश उड़ गए ।आग लगने से उनमें रखा सामान तो जलकर राख हो गया वहीं उसमें बंधे मवेशी कई मवेशियों की जलकर मौत हो गयी और दर्जनों के हिसाब से मवेशी झुलश गये ।यह सब देखकर गोड़ी संचालकों ने थाना हजारा पहुंच कर वन विभाग के खिलाफ एक तहरीर दी ।और बताया कि वर्षों से हम जंगल में गौढ़ी बनाकर जानवरों को पालते थे और इस एवज में वन विभाग को दूध दही त्योहारों पर खोया और महीना भी देते थे ।लेकिन हम लोगों को बिना किसी अग्रिम सुचना के हमारी गोडियो में आग लगा दी गई ।

इस बाबत गोढ़ी संचालको ने अपना दर्द बयां क्या की ये हमारी रोजी रोटी का पुश्तेनी व्यापार है। इस गोढ़ी में लगभग  600 जानवर पाले जाते थे अब वो बेघर हो गए हैं। बही वन विभाग का कहना है की ये लोग अबैध रूप से झोपडी डाल कर यहाँ रहे रहे थे ।और ये लोग जंगली जनबरो का शिकार करते थे कई बार इन लोगो यहाँ से हटाया गया।लेकिन ये लोग बापस अ जाते थे।

 

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