सुहागिनों के खातो में आई विधवा पेंशन पति दे रहे अपने जिन्दा होने का प्रमाण

सुहागिनों के खातो में आई विधवा पेंशन पति दे रहे अपने जिन्दा होने का प्रमाण
सीतापुर आठ माह पहले शादी हुई,और पत्नी के खाते में आ गई विधवा पेंशन।जैसे ही पति को इसकी जानकारी मिली तो उसके पैरो तले जमीन खिसक गई।पेंशन की रकम पत्नी के मयके के पते पर खुले बैंक खाते पर भेजी गई।पति ने पत्नी से पूछा तो उसे पता चला की सास,साली समेत ससुराल के गांव की ही 22 सुहागिन महिलाओ के खाते में विधवा पेंशन का पैसा फर्जी तरीके से भेजा गया है।जबकि इन सभी सुहागिन महिलाओ के पति जिन्दा है।अब पति खुद के जीवित होने का सबूत लेकर अफसरों के यहाँ दे रहे है।सरकारी योजनाओ के पैसे को कुछ दलाल किस तरह बन्द बाट कर रहे है यह उसी की बानगी है।
सीतापुर के बट्स गंज का रहने वाला संदीप कुमार महमूदाबाद ब्लॉक के सफाई कर्मी है 8 माह पहले जिले के परसेंडी ब्लॉक के शेरपुर सरावा में रोहन लाल की पुत्री प्रियंका से उसकी शादी हुई थी। एक दिन प्रियंका के मोबाइल पर एक मैसेज आया जिसमें उसके खाते में ₹3000 की धनराशि आना प्रतीत हुआ। जिसके बाद संदीप ने खाते में आई इस धनराशि के बारे में बैंक से जानकारी की तो उसे पता चला उसके खाते में आई हुई धनराशि विधवा पेंशन की राशि भेजी गई है इस बात की जानकारी होने पर संदीप के पैरों तले जमीन खिसक गई और वह सीधे प्रोबेशन विभाग पहुंचा संदीप ने प्रोबेशन अधिकारी को जानकारी दी कि मैं जिंदा हूं और मेरी पत्नी के खाते में विधवा पेंशन भेजी जा रही है लेकिन गैर जिम्मेदार जिला प्रोबेशन अधिकारी ने संदीप की शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं की इसके बाद संदीप ने मुख्यमंत्री आइजीआरएस से लेकर डीएम को शिकायत की जिसके बाद डीएम ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए वहीं 22 सुहागिनों को विधवा पेंशन दिए जाने का मामला प्रकाश में आ जाने पर प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया एक तरफ गरीब विधवा महिलाएं पेंशन पाने के लिए अधिकारियों की चौखट पर चक्कर काटती हुई नजर आती है लेकिन उन्हें पेंशन नसीब नहीं हो रही है बावजूद इसके नौकरी पेशा लोगों की पत्नियां विधवा पेंशन का लाभ ले रही है वहीं फर्जी विधवा पेंशन स्वीकृत होने वह अपने को जीवित साबित करने के लिए अफसरों से गुहार लगा रहे संदीप को अभी तक तो न्याय नहीं मिला लेकिन इस काम को अंजाम देने वाले कथित दलालों की तरफ से उसे फोन पर जान से मार देने की धमकी जरूर मिल रही है। सफाई कर्मी के द्वारा विधवा पेंशन के नाम पर किए गए फर्जी वाले के खुलासे से साफ जाहिर हो गया है कि एक तरफ योगी सरकार भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की बात कर रही है लेकिन सीतापुर में अफसरशाही दलालों के माध्यम से भ्रष्टाचार को अमलीजामा पहना रहे हैं

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