जनता सुरक्षा का दावा करने बाली पुलिस ने व्यापारी को बंधक बनाकर 50 लाख रुपये लुटे।

जनता सुरक्षा का दावा करने बाली पुलिस ने व्यापारी को बंधक बनाकर 50 लाख रुपये लुटे।
शाहजहाँपुर में पुलिस की एक करतूत ने खाकी को ही शर्मसार कर दिया । यहां पुलिस के दो सिपाही खुद ही लुटेरे बन गए। यहां सिपाहियों ने कार से ले जाए जा रहे 50 लाख रुपए लूटने की कोशिश की । और व्यापारी को बंधक भी बनाया। फिलहाल मामले में दोनों सिपाहियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करके उन्हें जेल भेज दिया गया है । साथ ही बरामद किए गए 50 लाख रुपये को आयकर विभाग को सौंप दिए गए हैं।
शाहजहांपुर पुलिस आज अपने 2 पुलिसकर्मियों के कारनामे पर शर्मसार है। पुलिस की गिरफ्त में इन दोनों पुलिसकर्मियों पर 50 लाख की लूट और व्यापारियों को बंधक बनाने का आरोप लगा है। दरअसल देर रात पुलिस को 50 लाख रुपए की लूट की सूचना मिली थी। जिसके बाद कई थानों की पुलिस ने घेराबंदी करके थाना जलालाबाद क्षेत्र में दिल्ली के नंबर की डस्टर गाड़ी को बरामद किया था । इस गाड़ी में एसओजी टीम में रहे सिपाही महेंद्र सिंह और लाइन में तैनात सत्यदेव सिपाही बैठे हुए थे ।जिन्होंने उत्तराखंड के काशीपुर जिले के व्यापारियों को बंधक बना रखा था । इन व्यापारियों के पास पचास लाख रुपए की नगदी थी। मुखविर की सूचना पर इन दोनों सिपाहियों ने पहले व्यापारी को बंधक बनाया और फिर उन्हें 40 किलोमीटर दूर ले जाकर पैसा लूटने की कोशिश की । लेकिन लूट से पहले ही दोनों पुलिस वाले थाना जलालाबाद पुलिस के हत्थे चढ़ गए । पूछताछ में पता चला कि काशीपुर के एक व्यापारी पचास लाख रुपए लेकर जा रहे थे । इसी बीच दोनों सिपाहियों ने चेकिंग के बहाने खुद को आयकर अधिकारी बताकर पैसे को कब्जे में ले लिया। इसके बाद उन्हें नेशनल हाईवे से 40 किलोमीटर दूर जलालाबाद रोड पर ले जाकर पैसा लूटने की कोशिश की गई। लेकिन उससे पहले ही अपनी ही पुलिस की हत्या चढ़ गए हैं। पुलिस की इस करतूत से अब व्यापारियों का कानून से भरोसा उठ गया है।
 रात ही लूट की सूचना के बाद पुलिस के आला अधिकारी भी सक्रिय हो गए थे। लुटेरे बने इन दोनों पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ धोखाधड़ी अवैध रूप से पैसा वसूलने सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करके उन्हें जेल भेजा जा रहा है। साथ ही दोनों सिपाहियों को सस्पेंड कर के उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। पहले भी एक मामले में थाना कलान क्षेत्र के चार सिपाहियों को बर्खास्त किया जा चुका है। लेकिन एक बार फिर पुलिस के सिपाहियों की इस करतूत ने खाकी को दागदार कर दिया है ।ऐसे में सवाल यह उठता है कि सफर के दौरान अपनी सुरक्षा को लेकर व्यापारी आखिर भरोसा करें तो किस पर करे। क्योंकि यहां तो खुद पुलिस ही लुटेरी बन गई।

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