नोट बंदी के बाद पुराने नोटों का क्या करती है सरकार

नोट बंदी के बाद पुराने नोटों का क्या करती है सरकार
पुराने नोटों का बंद करना और कालेधन का सरकार के पास जमा होना अक्सर आप लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर सकता है कि आखिर सरकार पुराने नोटों का करती क्या है।  हमें भी नहीं पता, लेकिन दो साल पहेले बंद हुये 500 और 1000 रुपए जैसी पुरानी नोटों का उपयोग किस तरह किया जाता है |
पुराने नोटों का बनता है हार्डबोर्ड
8 नंवबर 2016 पुराने 500 और 1000 रुपए के नोटों को बंद हुए पूरे 2 साल हो गए हैं। अब सवाल यह है कि सरकार इन पुरानी नोटों के साथ कर क्या रही है।  पुरानी नोटों को रिसाइकल किया जा रहा है।इन नोटों को रिसाइकल करके हार्डबोर्ड बनाए जाएंगे। जिसका उपयोग दक्षिण अफ्रीका में होगा।दक्षिण अफ्रीका के चुनाव में होंगे इस्तेमाल इन पुराने नोटों से जो हार्डबोर्ड बनेंगे दक्षिण अफ्रीका के चुनाव में इस्तेमाल किए जाएंगे। यानी पुराने नोटों का हार्डबोर्ड बनाकर उन्हें दक्षिण अफ्रीका भेज दिया जाएगा।
800 टन हैं पुराने नोट केरल में कन्नूर की कंपनी वेस्टर्न इंडियन प्लाईवुड लिमिटेड के मार्केटिंग प्रमुख पी महबूब ने बताया कि आरबीआई के तिरुवनंतपुरम के ऑफिस से उन्हें करीब 800 टन पुराने नोट दिए गए हैं। जहां इसका इस्तेमाल रिसाइकल करके प्लाईवुड या हार्डबोर्ड बनाने में किया जाता है। उनकी कंपनी 1945 से प्लाईवुड और ब्लैक बोर्ड बनाती है।लुगदी से बनता है हार्डबोर्ड
लकड़ी की लुगदी से कई तरह के बोर्ड बनते हैं। इस बोर्ड को बनाने में पुराने नोट की लुगदी का इस्तेमाल किया जाएगा। नोटों की लुगदी के साथ मिलाकर बोर्ड बनाए जाएंगे। बोर्ड बनाने का काम थर्मोमकैनिकल पल्पिंग तकनीक से किया जाता है।पहली बार हो रहा है ऐसा
यह माना जा रहा है कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि भारतीय मुद्रा के रिसाइकल कर हार्ड बोर्ड बनाया जा रहा है और इसका इस्तेमाल किसी और देश में किया जायेगा।जिसके बदले सरकार को मोटी कमाई होगी।

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