मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ के जीवन और राजनीति से जुडी महत्वपूर्ण बाते

मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री पद को लेकर  राहुल गांधी ने कांग्रेस वरिष्ठ नेता कमलनाथ को राज्य का मुख्यमंत्री घोषित कर दिया।  कमलनाथ सोमवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। कमलनाथ काफी लंबे समय से काग्रेस से जुड़े है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ के जीवन और राजनीति से जुडी महत्वपूर्ण बाते
कमल नाथ संसद के वरिष्ठ सदस्यों में से एक हैं और यूपीए सरकार के दौरान वह बड़े मंत्रालयों को संभाल चुके हैं। उनकी गिनती कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में होती है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ के जीवन और राजनीति से जुडी बातें
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ का जन्म 18 नवंबर 1946 में हुआ था। उनका जन्म आजादी से पहले यूनाइटेड प्रोविंस वर्तमान में उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुआ। उनकी स्कूली शिक्षा दीक्षा दून स्कूल से हुई। कलकत्ता यूनिवर्सिटी के सेंट जेवियर कॉलेज से बी कॉम की पढाई पूरी की। उनकी पत्नी का नाम अलका नाथ हैं। उनकी दो संतानें हैं। वे सबसे लंबे समय तक लोकसभा सदस्य रहने वाले लोगों में शामिल हैं।
कमलनाथ को 16वीं लोकसभा में प्रोटेम स्पीकर चुना गया था।प्रोटेम स्पीकर उसे ही बनाया जाता है जो सबसे वरिष्ठ यानी वर्तमान में सबसे अधिक समय तक संसद सदस्य रहा हो। वे मध्यप्रदेश के छिदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र से नौ बार संसद सदस्य चुने गए। उन्हें मई 2018 में मध्य प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया।
कमलनाथ पहली बार 1980 में 7वीं लोकसभा के लिए चुने गए थे। फिर वे 1985 में 8वीं लोकसभा के लिए चुने गए। 1989 में 9वें लोकसभाए 1991 में 10वीं लोकसभा के लिए चुने गए और उन्हें यूनियन काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स में जगह मिली। उन्हें पर्यावरण और वन मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। वे 1995 से 1996 तक केंद्र सरकार में कपड़ा राज्य मंत्री ;स्वतंत्र प्रभारद्ध बने। उसके बाद वे 1998 में 12वीं लोकसभा का चुनाव जीते। 1999 में 13वीं लोकसभा चुनाव जीते। साल 2004 में 14वीं लोकसभा चुनाव जीते और 2004 से 2009 तक केंद्र सरकार मे वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाले। उसके बाद 2009 में 15वीं लोकसभा के लिए चुने गए। फिर कैबिनेट मंत्री बने। इस बार उन्हें  सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई। 2011 में उन्हें शहरी विकास मंत्री बनाया गया। 2012 में संसदीय कार्य मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई। दिसंबर 2012 में उन्हें योजना आयोग का सदस्य भी बनाया गया।कमलनाथ 2001 से 2004 तक कांग्रेस पार्टी के महासचिव रहे। कमलनाथ मैनेजमेंट टैक्नोलॉजी आईएमटी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष भी रहे।इनका नेहरू गांधी परिवार से बहुत नजदीकी संबंध है। क्योंकि वे दून स्कूल में पढ़ने के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी के साथ पढ़े। इसी दौरान दोनों दोस्त बन गए। इसलिए इंदिरा गांधी कमल नाथ को अपना तीसरा बेटा मानती थी।

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