खुशहाल दाम्पत्य जीवन के लिये स्त्रियों के साथ पुरुषो को भी बदलना होगा नजरिया

क्या घरेलू कार्यों में सहयोग से शादी सफल हो सकती है इस पर समय.समय पर बहस होती रही है लेकिन नए शोधों के अनुसार प्यार का खुमार तब और सिर चढ़ कर बोलता है जब घरेलू कार्यों में पति.पत्नी की बराबर की हिस्सेदारी होती है। यानी सहयोग व बराबरी पर आधारित रिश्ते ही टिकाऊ होते हैं। शादी को सफल बनाने का नया नियम है।घरेलू कार्यों में साझेदारी।

खुशहाल दाम्पत्य जीवन के लिये स्त्रियों के साथ पुरुषो को भी बदलना होगा नजरिया 

घरेलू कार्यों में साझेदारी से पति.पत्नी के आपसी रिश्ते सुधरते हैं। मगर यह एक व्यावहारिक बात है जिसे आज के हर दंपती को स्वीकारना चाहिए। तमाम सलेब्रिटीज और आम लोग भी मानते हैं कि शादी की सफलता धैर्य ,समर्पण ,विश्वास संवाद, सम्मान और आपसी समझदारी पर निर्भर करती है। आज के समय में जहां स्त्री-पुरुष दोनों घर से बाहर निकल कर काम कर रहे हैं। वहां घरेलू कार्यों में साझेदारी भी वह महत्वपूर्ण मुद्दा है। जिसे लेकर तकरार होती है और जिसे वैवाहिक जीवन में नकारा नहीं जा सकता।

आजकल तलाक के ज्य़ादातर मामलों में घरेलू कार्यों को लेकर आए दिन होने वाली खटपट या नैगिंग जैसे कारण प्रमुख सामने रहे हैं। विवाहेतर संबंधों को भी कई बार कपल्स माफ कर देते हैं। लेकिन काम के बंटवारे को लेकर होने वाले झगड़े समझौतों में कम ही बदल पाते हैं।

अमेरिका की नौकरी छोड़ गाय में तलाशा रोजगार

स्त्री-पुरुष की बराबरी को लेकर  भले ही सकारात्मक नतीजे दिख रहे हों।लेकिन भारत में वास्तविकता थोड़ी अलग है। कई  महिलाओं ने खुद स्वीकारा है कि उनका ज्यादातर समय घर के कामों में बीत जाता है और पति के साथ वे वक्त नहीं बिता पातीं। दिलचस्प बात यह है कि 76 फीसद पुरुष भी यही मानते हैं कि खाना बनाने कपड़े धोने या बच्चों की देखभाल जैसे कार्य स्त्रियों के ही हैं।

पुरुषों के साथ ही स्त्रियों को भी अपना नजरिया बदलना होगा। यदि वे खुशहाल दांपत्य जीवन की चाह रखती हैं तो उन्हें भी पति का सहयोग लेने को तैयार होना होगा और घरेलू जिम्मेदारियों को खुद पर ओढऩे और इसे महिमामंडित करने से बचना होगा। परिवार के अन्य सदस्यों को भी इस धारणा से बाहर निकलना होगा कि घरेलू काम सिर्फ स्त्री को ही करने चाहिए। स्त्री.पुरुष के अलग.अलग कार्यों वाली बहस अब पुुरानी हो चुकी है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *