हाथियों के झुंड ने घर में सो रही माँ- बेटी को कुचल कर मार डाला

 झारखण्ड के कामडारा प्रखंड क्षेत्र के रामपुर गांव में सोमवार को जंगली हाथी के झुंड ने 25 वर्षीय अर्चना बाघवार और उसके 14 माह की बच्ची इस्तिा बाघवार को बेरहमी से कुचल.कुचल कर मार डाला। वहीं इसी गांव की लुईसा देवी और मरियम बाघवार हाथियों के चपेट में आने बाल बाल बचे। हासदा सोमवार अहले सुबह लगभग 4:30 बजे की है। 

हाथियों के झुंड ने घर में सो रही माँ- बेटी को कुचल कर मार डाला

घटना की जानकारी देते मृतका की सास लुईसा देवी ने बताया कि वह और उसकी गोतनी मरियम बाघवार अलग कमरे में सो रहे थे। अर्चना बाघवार और उसकी 14 माह की बेटी दूसरे कमरे में साथ सोये हुए थे। इसी बीच अहले सुबह 4:30 बजे जंगली हाथी घर का दिवार तोड़कर अंदर घुस गये। आवाज सुन कर वे लोग अंधेरे मे ही अलग अलग दिशा में भागने लगे। भागने के क्रम में उसकी बहु और पोती हाथी की चपेट में आ गये। दोनों को जंगली हाथियों ने पैरों से कुचल.कुचल कर रौंद डाला। वहीं हाथियों की चिंघाडने से ग्रामीण जाग गये। ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से किसी प्रकार हाथियों गांव से भगाया।  घटना के बाद गांव पहुंचे वन विभाग के कर्मियों ने मृतका के सास लुईसा को तत्काल बतौर मुआवजा 50 हजार नगद राशि प्रदान किया।

जंगली हाथी घर का दिवार तोड़कर अंदर घुस गये

वन विभाग हाथियों को खदेड़ने में जुटा वन विभाग  कर्मी नवलकिशोर के बताया क्षेत्र मे हाथियों का उत्पात जारी है।पिछले कुछ दिनों से कामडारा में 18 जंगली हाथियों के झुंड ने किसानो के फसल बर्बाद किया।और अब जानमाल की क्षति हो होने लगी है। हाथियों के झुंड को इलाके से खदड़ने की दिशा मे पहल की जा रही है। प्रखंड के रामतोल्याए हांफू व अन्य गांव में भी हाथियों द्वारा उत्पात जारी है। जिससे ग्रामीणों मे वन विभाग के प्रति गहरा रोष व्याप्त है।हाथियों के झुंड को इलाके से खदड़ने की दिशा मे पहल की जा रही है। प्रखंड के रामतोल्या हांफू व अन्य गांव में भी हाथियों द्वारा उत्पात जारी है। जिससे ग्रामीणों मे वन विभाग के प्रति गहरा रोष व्याप्त है।

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