प्रगतिशील समाजवादी पार्टी को चुनाव आयोग ने चुनाव चिन्ह चाबी किया आवंटित

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) को आज भारतीय चुनाव आयोग द्वारा चुनाव चिन्ह का आवंटन कर दिया गया। चुनाव आयोग द्वारा प्रसपा लोहिया को चुनाव चिन्ह चाबी का आवंटन किया गया।

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी को चुनाव आयोग ने चुनाव चिन्ह चाबी किया आवंटित

प्रसपा प्रमुख श्री शिवपाल सिंह यादव ने इस पर भारतीय चुनाव आयोग का आभार जताया और चाबी को जनआकांक्षा की उम्मीद व विकास की कुंजी बताया।

समाजवादी पार्टी के बागी नेता शिवपाल यादव अपनी नई पार्टी के साथ 2019 लोकसभा चुनाव में उतरने के लिए तैयार हैं। इस चुनावी लड़ाई में उनका साधन बन सकता है प्रगतिशील समाजवादी पार्टी पीएसपी। हालांकि अभी इस मामले में शिवपाल की तरफ से आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि शिवपाल ने अपनी पार्टी के रजिस्ट्रेशन के लिए 2017 की शुरुआत में ही दावेदारी कर दी थी लेकिन परिवार और पार्टी में चले रहे युद्ध पर विराम लगने की उम्मीद के चलते वह इसे आक्रामकता के साथ इसे आगे नहीं ले गए थे। उन्होंने जनता दल के चुनाव चिह्न पहिये के लिए आवेदन किया था ।जिसे चुनाव आयोग ने जब्त कर लिया था क्योंकि कई लोग इस चुनाव चिह्न पर नजर बनाए हुए थे। आज भारत चुनाव आयोग ने  शिव पाल यादव की नई प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) चुनाव चिन्ह चाबी का आबंटित कर दिया।

शिवपाल यादव का परिवारक विवाद 2016 से जारी है ।सूत्रों के अनुसार शिवपाल ने अपने नये राजनीतिक संगठन को बेहद गोपनीय बनाए रखा था यहां तक कि उन्होंने अपने भाई और समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम से भी इस बारे में चर्चा नहीं की थी। बता दें कि यादव परिवार में आपसी फूट 2016 से जारी है जब समाजवादी पार्टी यूपी में सत्ता में थी।

पार्टी के अंदर अपने भतीजे अखिलेश यादव से उनका विवाद जारी रहा और जनवरी 2017 में अखिलेश पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त कर दिए गए।अखिलेश के रुख बदलने का इंतजार करते रहे थे  चाचा शिवपाल पार्टी में लगातार नजरअंदाज किए जाने के चलते शिवपाल ने इस साल 29 अगस्त को समाजवादी सेक्युलर मोर्चे की स्थापना की और दावा किया कि मुलायम भी उनके साथ हैं। उनके सूत्रों के मुताबिक इस पड़ाव पर भी शिवपाल ने इंतजार किया था।

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