डॉक्टर की लापरवाही से हुई महिला की मौत पति ने लगाई मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार

डॉक्टर की लापरवाही से हुई महिला की मौत पति ने लगाई मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार
यूपी के शाहजहांपुर में प्राइवेट अस्पतालो में डॉक्टरों की लापरवाही के  तमाम घटनाओ के बाद भी प्रशासन सबक लेने का नाम नही ले रहा ऐसी चलते यहां डॉक्टर की लापरवाही के चलते एक और महिला की मौत हो गयी। फिलहाल महिला के पति ने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।
मामला सादर थाना क्षेत्र के प्राइवेट अस्पताल के एल मेमोरियल का है।यहां दीपक साहू अपनी गर्भबती पत्नी शिखा साहू का इलाज पिछले 6 महीने से इलाज करा था।जब पत्नी का डिलीवरी का समय आया तो डॉक्टर ने बताया कि ऑपरेशन से बच्चा पैदा हो पायेगा। इस पर महिला के पति ने ऑपरेशन की इजाजत देते हुए सारी कागजी कार्यबही पूरी करके ऑपरेशन के 16500 रुपये जमा कर दिए। शाम 6 बजे जब डाक्टर आपरेशन करने नहीं आयी और मरीज की तबियत बिगड़ने लगी। सूचना करने के बाद रात्रि 8:15 बजे डा. दीपा दीक्षित एवं डा. राकेश दीक्षित शिखा को आपरेशन थिएटर में लेकर गए। और खून की व्यवस्था को तैयार रहने के लिए मरीज अस्पताल में आने पर डा. राकेश दीक्षित बाहर निकल आए। और शिखा का आपरेशन अधूरा छोड़ दिया। जिसकी नस काट दी गयी और ब्लीडिंग चालू रही और काफी खून बह गया।
डॉॉक्टरों नेे बाााया कि बच्चा व मां स्वस्थ है। और आपरेशन थिएटर से लाकर एक प्राइवेट वार्ड  शिफ्ट करवा दिया। लगभग डेढ़ से दो घंटे बाद शिखा  साहू की हालत बिगड़ने लगी और उसका शरीर ठंडा पड़ने लगा तब डाक्टर आयी और दीपक को सलाह दी कि इन्हें तत्काल बरेली ले जाओ वहां डाक्टर मेरे दोस्त है और उन्हें फोन कर दिया कि हम मरीज भेज रहे है देख लेना और मेरे साथ अपना एक आदमी राशिद भेज दिया। प्रार्थी आनन फानन डाक्टर द्वारा बुलाई गई एम्बुलेंस से बरेली के राम किशोर मेमोरियल हास्पिटल सी-6/1 स्टेडियम रोड निकट वोडाफोन आफिस, बरेली पहुंचां। उस अस्पताल में इमरजेंसी भर्ती कराया तो स्टाफ ने बताया सारे टांके टूट गए है। और काफी ब्लीडिंग हो चुकी हैं 7-8 यूनिट ब्लड की आवश्यकता होगी।
सुबह  अस्पताल की डाक्टर नेहा गुप्ता ने बताया कि अगर ब्लीडिंग हो रही थी तो आपरेशन के समय बच्चेदानी निकाल देनी चाहिए। प्रार्थी ने उक्त बात बताने के लिए डा. राकेश दीक्षित व डा. दीपा दीक्षित को फोन किया तो दोनो ने ही फोन रिसीव नहीं किया। प्रार्थी व उसके परिजनों ने भाग दौड़ कर आई.एम.ए. ब्लड बैंक सिविल लाइंस से ब्लड की व्यवस्था की और अस्पताल पहुंचा तो पता लगा कि शिखा की मृत्यु हो चुकी है।  मृतक महिला के दीपक साहू ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर न्याय की गुहार लगाई है।अब देखना होगा क्या ऐसे डॉक्टरों पर कब तक कार्यबाही होगी।

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