कोर्ट का आदेश जिला अधिकारी की गाड़ी नीलाम कर किसान को दे पैसा

कोर्ट का आदेश जिला अधिकारी की गाड़ी नीलाम कर किसान को दे पैसा
किसान की अनदेखी प्रशासन को भारी पड़ गई है। किसान की रकम वापस करने के लिए अदालत ने बरेली के जिला अधिकारी  की गाड़ी नीलाम कर किसान का पैसा देने का आदेश दिया है। अदालत का आदेश जब तहसील पहुंचा तो हड़कंप मच गया है। किसान काफी समय से रकम वापसी के लिए प्रशासन के चक्कर काट रहा था और जब उसकी सुनवाई नहीं हुई तो उसने रकम वापसी के लिए अदालत की शरण ली थी। अदालत के सख्त आदेश के बाद अफसरों में खलबली मची हुई है।
बरेली के फतेहगंज पश्चिमी के मीरापुर गाँव के रहने वाले किसान धर्मेंद्र कुमार गंगवार ने एसडीएम मीरगंज, राज्य सरकार और भोलापुर शंखपुर के वीरेंद्र के खिलाफ केस दायर किया था। आरोप था कि वीरेंद्र ने बैंक ऑफ बड़ोदा से लोन लिया था। लोन न चुकाने के कारण प्रशासन ने वर्ष 2002 में वीरेंद्र की करीब 35 बीघा जमीन नीलाम की थी। ये जमीन मीरापुर के धर्मेंद्र ने 1.35 लाख रूपये में खरीदी थी।  पर उसका हक।नहीं मिला पीड़ित धर्मेंद्र ने जो जमीन नीलामी में।खरीदी थी उस पर जमीन के मालिक वीरेंद्र ने कमिश्नर के यहां अपील कर दी और वो उसका हक पा गया । पर वही नीलामी में जमीन खरीदने वाले को न पैसा मिला न जमीन । पीड़ित किसान धर्मेंद्र की माने तो उसने अपने पैसे के लिए काफी बार अधिकारियों के यहां चक्कर लगाए पर  पैसा न मिला जिसके बाद उन्होंने कोर्ट की शरण ली ।
जमा करने के बाद भी प्रशासन ने जमीन धर्मेंद्र के नाम नहीं की थी। धर्मेंद्र ने अपनी रकम वापस के लिए कोर्ट में  सुनवाई के बाद कोर्ट ने 2016 में 1.35 लाख की वसूली के आदेश दिए थे। बरेली प्रशासन दो साल बाद भी इस रकम की वसूली नहीं कर पाया। जिससे परेशान धर्मेंद्र ने अब वसूली का केस दायर किया था। केस में बकालत कर रहे पीड़ित के वकील की माने तो इस केस की सुनवाई अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन तृतीय यशपाल लोधी की कोर्ट में हुई और कोर्ट ने डीएम की सरकारी गाड़ी यूपी 25 एजी 1111 को कुर्क कर 1.35 लाख की रकम वसूलने के आदेश दिए है। ताकि किसान के पैसे दिए जा सके । बरेली के कोर्ट से बरेली जिला अधिकारी की सरकारी गाड़ी को नीलाम करने के आदेश के बाद पीड़ित अपने पैसे के मिलने का इंतजार कर रहा है अब देखना होगा कि जिला अधिकारी की सरकारी गाड़ी नीलाम हो पाएगी या कुछ और रास्ता निकलेगा ।

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