बुलंदशहर हिंसा में सुमित और जीतू फौजी के समर्थन में उतरा अखिल भारतीय संत परिषद

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में बीते 3 दिसंबर को गोकशी के बाद हुई हिंसा में मारे गए सुमित और इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या और बलवा फैलाने के मामले में गिरफ्तार किए गए जीतू फौजी के समर्थन में अखिल भारतीय संत परिषद उतर आया है

बुलंदशहर हिंसा में सुमित और जीतू फौजी के समर्थन में उतरा अखिल भारतीय संत परिषद 
अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक यति नरसिंहानंद सरस्वती महाराज बुलंदशहर पहुंचे और उन्होंने बुलंदशहर पुलिस और प्रशासन पर निर्दोष लोगों को फंसाने का आरोप लगाया और हिंसा में मारे गए सुमित और उसके साथियों को पुलिस द्वारा आरोपी बनाए जाने को लेकर नाराजगी जताई, नरसिंहानंद ने पुलिस पर आरोप लगाया कि जिस सुबोध सिंह ने निर्दोष सुमित को गोली मारी फिर भी पुलिस ने निर्दोष सुमित और जो बच्चे सुमित को एकदम उठाकर ले गए उन्हीं को हत्या का मुजरिम बना दिया यह सरेआम कानून और न्याय व्यवस्था को उपहास का पात्र बनाने जैसा है, नरसिंहानंद सरस्वती ने संतों  और जाट समाज से आवाहन किया है कि जीतू फौजी के सम्मान की लड़ाई लड़ें, साथ ही  नरसिंह आनंद ने यह भी साफ कर दिया कि यह लड़ाई हर तरीके से लड़ी जाएगी, नरसिंहानंद ने यह भी ऐलान किया कि जल्दी पुलिस प्रशासन यदि निर्दोषों के खिलाफ कार्रवाई करने से बाज नहीं आएगा और सुमित कुमार जीतू फौजी को न्याय नहीं मिलेगा तो  आने वाली 16 तारीख को नरसिंहानंद और अखिल भारतीय संत परिषद बुलंदशहर में अनशन पर बैठ जाएगा, बीते 3 दिसंबर को हुई हिंसा के बाद सुमित कुमार की मौत और सुबोध कुमार की हत्या दोनों ही उलझी है कि आखिर दोनों पर गोली किसने चलाई हालांकि पुलिस ने जीतू फौजी को गिरफ्तार कर लिया मगर जीतू फौजी के खिलाफ अब तक पुलिस पुख्ता सबूत नहीं जुटा पाई है, ऐसे में अखिल भारतीय संत परिषद के मैदान में आने के बाद यह मामला हिंदू संत संगठन वर्सेस पुलिस हो गया है ऐसे में साफ है कि  बुलंदशहर पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है कि आखिर पूरी हिंसा का मुख्य आरोपी कौन रहा!

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