अब जिलों के नाम बदलने साथ मापन की इकाई में हुआ बदलाब १३० साल बाद

अब जिलों के नाम बदलने साथ मापन की इकाई में हुआ बदलाब १३० साल बाद

 

दुनिया भर में अब माप इकाई किलो, एम्पीयर और मोल हमेशा के लिए परिवर्तन किया गया है। अब इन तीनों ही मापन इकाइयों को फिर से परिभाषित करेगा। 16 नवंबर, 2018 को यह निर्णय फ्रांस के वर्सा में एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजन किया गया था।परिवर्तन के लिए वोट देने वाले 50 से अधिक देशों ने यह सहमति दे दी थी। इस निर्णय से विभिन्न देशों में केंद्रीय व्यापार और अन्य प्रबंधय प्रबंधय पर असर पड़ेगा। इस सम्मेलन में जमा वर्सा वैज्ञानिक इस निर्णय के लिए दशकों इंतजार कर रहा था।

इन लोगों के विषय पर एक समझौते के बाद खुशियों को व्यक्त किया गया। कुछ प्रतिनिधि भी अपनी आंखों में खुशी के आँसू आ गये। इस कदम को मापन और गुणन के क्षेत्र में वैश्विक क्रांति के रूप में देखा जा रहा है। शुक्रवार को ही विद्युत मापन की इकाई एम्पियर, ताप मापने की इकाई कैल्विन और पदार्थ की मात्रा माप मोल  की नई परिभाषाओं की भौतिक मात्रा को अनुमोदन प्राप्त किया जाता है। विश्व स्तर पर स्वीकृत किग्रा नई परिभाषा इतनी उत्सुकता से प्रतीक्षा की जा रही थी।

पिछले शताब्दी में फ्रांस में स्थित प्लैटिनम-इरिडियम मिश्र धातु सुरक्षा से बने सिलेंडर का द्रव्यमान किलोग्राम की परिभाषा के रूप में उपयोग किया जाता है। इसे ‘ली ग्रांड’ के नाम से भी जाना जाता है। इसे विश्व वर्ष 1889 का एकमात्र असली किलोग्राम माना जाता है। अब किलोग्राम और अन्य प्रमुख मानक इकाइयों को फिर से परिभाषित किया जाएगा। ये 20 मई से प्रभावी होंगे।

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